
ये चुनाव था… लेकिन वोटिंग नहीं हुई। ये जीत है… लेकिन मुकाबला नहीं हुआ। और सवाल ये है—क्या ये लोकतंत्र की सहज प्रक्रिया है या सिस्टम का साइलेंट सिग्नल?
बिना मतदान खत्म हुआ चुनाव
National Union of Journalists (NUJ) उत्तर प्रदेश इकाई के चुनाव में एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक किसी भी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया…और नतीजा—हर पद पर सिर्फ एक ही उम्मीदवार बचा। जहां मुकाबला खत्म हो जाए… वहां जीत अपने आप तय हो जाती है।
अध्यक्ष पद पर कौन?
इस चुनाव में अध्यक्ष पद पर सुरेंद्र दुबे निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। मीडिया और पॉलिटिकल सर्किल में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सुरेंद्र दुबे अब संगठन की कमान संभालेंगे।
बाकी पदों की पूरी लिस्ट
उपाध्यक्ष
- जी.एस. गोलेश स्वामी (लखनऊ)
- वीरेंद्र नाथ भट्ट (लखनऊ)
- अजेंद्र सिंह चौहान (आगरा)
- निर्मल कांत शुक्ला (पीलीभीत)
महासचिव
- द्विजेंद्र मोहन शर्मा (फिरोजाबाद)
संगठन मंत्री
- विमल पाठक (लखनऊ)
सचिव
- अनुपम पांडेय (लखनऊ)
- रामकृष्ण बाजपेई (लखनऊ)
- मनीष जैन (आगरा)
- विक्रम पांडेय (कासगंज)
कोषाध्यक्ष
- अरुण कुमार अवस्थी (उन्नाव)
कार्यकारिणी में भी वही ट्रेंड
कार्यकारिणी के लिए 33 पद निर्धारित थे… लेकिन नामांकन आए सिर्फ 22। यानी 22 उम्मीदवार सीधे निर्वाचित…और 11 सीटें अभी भी खाली।

खाली पद क्या कहते हैं?
- उपाध्यक्ष: 2 पद खाली
- सचिव: 2 पद खाली
- कार्यकारिणी: 11 पद खाली
अब इन पदों को भरने का फैसला नई कार्यकारिणी करेगी।
3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकला, परिवार ICU में… सच खौफनाक है?
